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Microsoft का बड़ा ऑफर! 60 हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प, स्टार्टअप शुरू करने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली
दुनियाभर में टेक कंपनियां छंटनी की दिशा की तरह आगे बढ़ रही हैं, इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के एक कदम ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है. दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट अपने ने अपने 60 हजार कर्मचारियों को वॉलेंटियरी एग्जिट ऑफर (VEO) दिया है, जिसका मतलब है कि कर्मचारी कंपनी छोड़कर अपना कोई बिजनेस या स्टार्टअप आदि शुरू करना चाहते हैं, तो उनको आर्थिक सहायता के साथ करियर सपोर्ट भी दिया जाएगा। 

माइक्रोसॉफ्ट के दुनियाभर में करीब 2.23 लाख कर्मचारी मौजूद है और 60 हजार कर्मचारी करीब टोटल वर्कफोर्स का 25 परसेंट है. हालांकि इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी खत्म हो जाएगी। 

Oracle-Amazon की तुलना में Microsoft का यह कदम सबसे अलग है क्योंकि हाल ही के दिनों में कई टेक कंपनियां AI में इनवेस्ट कर रही हैं और बिजनेस स्ट्रक्चर में भी बदलाव कर रही हैं. ऐसे में वे कंपनियां सीधे कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर रही हैं. ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर उन लोगों के लिए बड़ा ही खास है, जो अपना खुद का स्टार्टअप या बिजनेस करता चाहते हैं. माइक्रोसॉफ्ट ऐसे कर्मचारियों की मदद करेगी। 

नौकरी छोड़ने पर क्या-क्या मिलेगा?
कंपनी के इस ऑफर के तहत कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर आर्थिक मदद और करियर से जुड़ी सेवाएं दी जाएंगी। पैकेज में हर पूरे किए गए सेवा वर्ष के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन से जुड़ी सहायता शामिल होने की जानकारी है। हालांकि, यह ऑफर सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट की चीफ HR ऑफिसर एमी कोलमैन के मुताबिक, यह सुविधा कंपनी के चुनिंदा विभागों में लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों को मिलेगी। पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए ऑफर की शर्तें बताई जाएंगी।

कंपनी ने क्यों उठाया यह कदम?
एमी कोलमैन ने कहा कि इस प्रोग्राम का उ
द्देश्य उन कर्मचारियों को सहयोग देना है, जो कंपनी से बाहर करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं। इससे कंपनी के अलग-अलग विभागों को भी बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने कर्मचारियों की संख्या और कामकाज में बदलाव करने का ऑप्शन मिलेगा। कंपनी ने साफ किया है कि यह योजना सभी विभागों में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसका फैसला कारोबार की जरूरतों, ग्राहकों से किए गए वादों और कर्मचारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

भारत में AI पर 20.5 अरब डॉलर का निवेश
एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का
ऑफर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत में बड़े निवेश की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी ने 2025 से 2029 के बीच भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल ट्रेनिंग और ऑपरेशन से जुड़े क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को AI से जुड़ी स्किल सिखाना भी है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह कर्मचारियों को नई स्किल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में भी मदद करती रहेगी।

वॉलेंटियरी एग्जिट ऑफर के लिए एलिजिबल है 
दरअसल, अभी माइक्रोसॉफ्ट ने 60 हजार कर्मचारियों को वॉलेंटियरी एग्जिट के लिए एलिजिबल किया है. अब ये ऑफर कितने लोग स्वीकार करेंगे और कितने नहीं, ये तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा। 

माइक्रोसॉफ्ट की लिस्ट में सीनियर और जूनियर सब शामिल 
माइक्रोसॉफ्ट की 60 हजार कर्मचारियों की लिस्ट में सिर्फ जूनियर कर्मचारी नहीं है. यह लेवल 70 और उससे के नीचे कर्मचारियों के लिए है, जिसमें भारत, अमेरिका, कनाडा और यूके के कर्मचारी शामिल हैं. इसमें कुछ सीनियर कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। 

Amazon और Oracle ने सीधी की थी छंटनी 
माइक्रोसॉफ्ट के उलट Amazon और Oracle ने सीधे लोगों की नौकरियों को खत्म कर दिया. ओरैकल ने जब कर्मचारियों को नौकरी से निकाला तो लोगों को सुबह-सुबह ईमेल भेजा और नौकरी जाने की जानकारी दी. इसमें भारत समेत दुनियाभर के कर्मचारी मौजूद थे। 

Oracle ने इस साल दो बार बड़ी छंटनी की है, जिसमें टोटल 21 हजार कर्मचारियों को नौकरी से बाहर किया है. भारत समेत दुनियाभर में मौजूद जिन कर्मचारियों को बाहर निकाला है। 

सवा लाख से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला 
साल 2026 के दौरान 1.35 लाख कर्मचारियों को छंटनी सा सामना करना पड़ा है, जिसमें AI की वजह से भी कई लोगों की नौकरियां गई हैं. इसकी जानकारी लेऑफ ट्रैकर layoffs.fyi ने शेयर की है. पोर्टल पर बताया है कि Amazon ने हाल ही में करीब 1 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। 

लेवल 70 या उससे नीचे के एम्प्लॉइज को मिला ऑफर
माइक्रोसॉफ्ट में शुरुआती पद लेवल 59 से शुरू होते हैं और सीनियर पद 70 से ऊपर होते हैं। यह कंपनी के जूनियर, मिड-लेवल और सीनियर स्तर के कर्मचारियों का कैडर होता है।

इसमें सीनियर डायरेक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सीनियर इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और मिड-लेवल मैनेजर्स शामिल होते हैं।

नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा

बिजनेसस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक…
    लेवल 64 और उससे नीचे: हर 6 महीने के काम के बदले 1 हफ्ते की बेसिक सैलरी ज्यादा से ज्यादा 39 हफ्तों तक।

    लेवल 65 से 67 के कर्मचारी: हर 6 महीने के काम के बदले 2 हफ्ते की बेसिक सैलरी ज्यादा से ज्यादा 39 हफ्तों तक।

    लेवल 68 के कर्मचारी: पूरे 12 महीने की सैलरी का एकमुश्त पैकेज।

पैसे के अलावा और क्या सुविधाएं मिलेंगी?
सर्विस के सालों के हिसाब से लेवल 67 और उससे नीचे के लोगों को 6 से 12 महीने तक शेयर्स का फायदा मिलता रहेगा। नौकरी छोड़ने के बाद भी तय समय तक मेडिकल इंश्योरेंस मिलेगा।

वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर का क्या मतलब है?
जो लोग ऑफर नहीं लेंगे, वे अपनी मौजूदा भूमिकाओं में काम करते रहेंगे या कंपनी उन्हें किसी दूसरे प्रोजेक्ट/टीम में री-असाइन कर सकती है।

यदि कंपनी वॉलेंटरी ऑफर से अपना खर्च घटाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाती है, तो आने वाले समय में वह जबरन छंटनी का कदम उठा सकती है। उस स्थिति में नौकरी जाने पर कर्मचारियों को वॉलेंटरी एग्जिट जितना अच्छा फाइनेंशियल पैकेज नहीं मिलता है।

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