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UP-SCR में बड़ा बदलाव: एयरपोर्ट के दोनों तरफ बनेगी एयरोसिटी, बढ़ेगी वाटर वर्क्स की क्षमता

लखनऊ
दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ छह जिलों को मिलाकर बनने वाले उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर की प्रस्तावित योजनाओं में जिला प्रशासन ने कई बदलाव के सुझाव दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ दिल्ली की ही तरह एयरोसिटी विकसित करने की बात तय हुई। इसी के साथ पेरिफेरल रोड के निर्माण के औचित्य न होने पर भी बात हुई। राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान पर ही पुर्नविकसित करने का सुझाव दिया गया। राजधानी की भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए यूपीएससीआर में प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यूपीएससीआर व अन्य योजनाओं के बारे में डीएम ने 29 जुलाई को बैठक की थी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के 23 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एससीआर के प्रस्तावों व योजनाओं पर गहन मंत्रणा की गई जिसमें कई सुझाव दिए गए। पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक का मिनट्स जारी कर दिया है।

दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था होगी
एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना में अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर है। पहले एयरपोर्ट के दक्षिण तरफ सैनिक स्कूल की खाली जमीन पर ही एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था लेकिन बैठक में उत्तर तरफ भी रिक्त जमीनों का इसके लिए इस्तेमाल करने की बात हुई है।

300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ेगी बढ़ती आबादी को देखते हुए
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती आबादी को देखते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता को कम माना गया। जलापूर्ति की दीर्घकालीन जरूरतों का आकलन कर इसकी क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सिंचाई विभाग और जल निगम को इसके लिए दोबारा आकलन करना होगा।

संग्रहालय का पुनर्विकास होगा
राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी जिला प्रशासन ने उचित नहीं माना। समिति ने संग्रहालय को उसी स्थान पर रखते हुए उसके विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने का सुझाव दिया है। हालांकि इसे हटाने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री ने दिया था। इसे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ले जाने की बात चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलडीए को इस सम्बंध में निर्देश भी दिया है।

किसान पथ के दोनों हिस्से में सर्विस लेन बनाई जाएगी
वहीं, सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच करीब 12 किमी हिस्से में किसान पथ के दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

प्रस्ताव के मुताबिक किसान पथ के दोनों तरफ बनने वाली सर्विस लेन 7.5-7.5 मीटर चौड़ी होगी। इससे आसपास की कॉलोनियों, गांवों और स्थानीय बाजारों से आने-जाने वाले वाहन सीधे मुख्य किसान पथ पर चढ़ने के बजाय सर्विस लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का ट्रैफिक अलग हो सकेगा। फिलहाल किसान पथ के आसपास तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और स्थानीय आबादी के वाहनों को मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है।

फ्लाईओवर की डिजाइन में भी होगा बदलाव
अयोध्या रोड पर ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए किसान पथ के पास फ्लाईओअर का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है और धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। एनएचएआई के अनुसार अब सर्विस लेन के प्रस्ताव के कारण फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए भी दिल्ली मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

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