बस्तर में बच्ची के गले में फंसा सेफ्टी पिन, डॉक्टरों ने दूरबीन पद्धति से निकालकर बचाई जान

जगदलपुर.
बस्तर जिले के मावलीबेडा में दो साल की बच्ची के गले में सेफ्टी पिन फंसने का मामला सामने आया है। बच्ची खेलते समय सेफ्टी पिन निगल गई, जो उसकी सांस की नली में जाकर फंस गया। इसके बाद उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।
परिजन तत्काल बच्ची को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक सेफ्टी पिन निकालकर उसकी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, दो वर्षीय मोनिका घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसने सेफ्टी पिन निगल लिया। पिन सांस की नली में फंसने के कारण बच्ची को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बच्ची की हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज डिमरापाल ले गए।
समय पर उपचार मिलने से बच गई जान
मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की। जांच में सेफ्टी पिन सांस की नली में फंसा हुआ पाया गया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और दूरबीन पद्धति से पिन को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। समय पर उपचार मिलने से बच्ची की जान बच गई। प्रक्रिया के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया।
बच्चों को खेलने के लिए न दें सिक्के, छोटे खिलौने, पिन या बीज
डॉक्टरों ने इस घटना के बाद पालकों से छोटे बच्चों की निगरानी रखने की अपील की है। चिकित्सकों ने कहा कि बच्चों को खेलते समय सिक्के, छोटे खिलौने, पिन, बीज और ऐसी अन्य छोटी वस्तुएं नहीं देनी चाहिए, जिन्हें वे गलती से निगल सकते हैं।ऐसी वस्तुएं निगलने से सांस की नली में फंसकर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर बच्चे की जान भी खतरे में पड़ सकती है।



