मध्‍यप्रदेश

भोपाल में अब हर 10 मिनट में मिलेगी E-Bus, 10 नई बसें शामिल; रात 9 बजे तक चलेगी सेवा

 भोपाल 
राजधानी भोपाल की सड़कों पर ई-बस का परिवहन और मजबूत होता जा रहा है। बता दें कि, ई-बसों के बेड़े में 10 और नई बसें जोड़ीं गई हैं। इससे शहर में चलने वाली बसों का बेड़ा अब 30 का हो गया है। इस विसतार से बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बेहतर हुई है और यात्रियों को अब हर 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध होंगी।

मुख्य रूटों पर कनेक्टिविटी और न्यूनतम किराया
यह नया ई-बस बेड़ा मुख्य रूप से कोलार, बैरागढ़ और अशोका गार्डन को जोड़ने वाले तीन प्रमुख रूटों (बी35, बी-36 और बी-37) पर चलाया जा रहा है। सभी बसों को एमपी नगर बोर्ड ऑफिस से होकर गुजारा जा रहा है, जो तीनों रूटों का मुख्य जंक्शन है। इससे नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को सीधी आवाजाही में बड़ी राहत मिली है। यात्रा का न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपए और अधिकतम 40 रुपए तय किया गया है।

शहर के ये इलाके भी सेवा से जुड़े
इन बसों के जरिए शहर के प्रमुख केंद्र, जैसे न्यू मार्केट, बावड़ियाकला, सलैया, रोहित नगर, सुभाषनगर, कोहेफिजा, पीर गेट, हमीदिया अस्पताल, नादरा बस स्टैंड, बिट्टन मार्केट और आइएसबीटी जुड़ गए हैं।

सुबह 6:30 से रात 9 बजे तक मिलेगी सेवा
बीसीएलएल से मिली जानकारी के अनुसार, ई-बसों
का समय सुबह 6:30 बजे से बढ़ाकर रात 9:00 बजे तक कर दिया गया है। बीसीएलएल सीईओ अंजू अरुण कुमार ने बताया कि, शहर में कुल 100 ई-बसों के संचालन की योजना है, जिसके तहत नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में रोजाना 10 से 12 हजार यात्री इन ई-बसों में सुगम सफर का लाभ उठा रहे हैं।

हजारों यात्रियों को होगा फायदा

पीएम ई-बस की संख्या में बढ़ोतरी के साथ शहर में ये सेवा और सुलभ हो गई है। शुरुआत में 20 बसों के संचालन ही यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, जिसे देखते हुए अब शहर की ई बसों के बेड़े में 10 और बसें जोड़ी गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, फिलहाल रोजाना करीब 10 से 15 हजार यात्री इन बसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने से पीक आवर्स में बसों के बीच का अंतर कम होगा और स्टॉप पर इंतजार करने का समय भी घटेगा।

दिव्यांग यात्रियों के लिए रहेगी विशेष व्यवस्था
इन ई-बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में हाइड्रोलिक डोर/लिफ्ट और व्हीलचेयर के लिए निर्धारित स्थान दिया गया है। इससे व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल के साथ बस में चढ़ना या उतरना आसान रहेगा। बसों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शुरुआती संचालन में तीन प्रमुख रूट पर सेवा शुरू हुई थी, लेकिन अब यात्रियों की जरूरत को मद्देनजर रखते हुए शहर में बसों का नेटवर्क बढ़ाया गया है। हालांकि, इस सेवा का यात्रियों की जरूरत के हिसाब से आगे औरर विस्तार किया जाएगा।

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