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मानदेय बढ़ा, सेहत का सहारा मिला, रसोइयों की आंखों में हर्ष के आंसू

लखनऊ

 परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत वर्षों से बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों के लिए यह सप्ताह किसी त्योहार से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की बढ़ोतरी और परिवार सहित पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की घोषणा से प्रदेशभर की रसोइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सीएम योगी ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित भी किया। जिलों में इसका सजीव प्रसारण किया गया।

मेहनत को मिला सम्मान, बढ़ा हौसला

सहारनपुर के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटोवाला की रसोइया रीता देवी ने कहा कि यह वृद्धि उनके श्रम और समर्पण के प्रति योगी सरकार द्वारा दिए जा रहे सम्मान को दर्शाती है। इस निर्णय से सभी रसोइया बहनों का उत्साह और मनोबल बढ़ा है। जिले की अन्य रसोइयों ने भी इसे सरकार की समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की नीति का हिस्सा बताया।

सजीव प्रसारण देख झूम उठीं रसोइयां

आदमगढ़ में लखनऊ के मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण आजमगढ़ के नेहरू हॉल में देखा गया, जहां सैकड़ों रसोइयां जुटीं। जैसे ही पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि नौनिहालों का पोषण संभालने वाली रसोइयों के स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार का दायित्व था, जबकि बीएसए राजीव पाठक ने बताया कि अब रसोइयों को इलाज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।

घर के बजट को मिली राहत

मेरठ के खानपुर जूनियर हाईस्कूल की रसोइया विमलेश ने कहा कि मानदेय बढ़ने से घर के खर्च में राहत मिलेगी। परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है, क्योंकि अब बीमारी के समय पैसों की चिंता कम होगी।
मुख्यमंत्री ने हमारी मेहनत को समझा
आगरा के प्राथमिक विद्यालय नगला डिठवार की रसोइया आशा देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि बढ़े हुए मानदेय और पांच लाख के कैशलेस इलाज से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी ने उनकी मेहनत और जरूरतों को समझा है, जिसके लिए वे हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।
कर्ज के डर से मिली मुक्ति
मुरादाबाद के प्राथमिक विद्यालय मिलक नगरिया जट में बीते 10-12 वर्षों से कार्यरत रसोइया सूरजमुखी, जो चार बच्चों के परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने कहा कि मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी से घर का बजट संभालने में मदद मिलेगी। सबसे बड़ी राहत पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज से मिली है, जिससे अब गंभीर बीमारी में कर्ज में डूबने का डर नहीं रहेगा।

रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा

वाराणसी के ग्राम लेढ़ूपुर, विकासखंड चिरईगांव की रसोइया संतरा देवी ने कहा कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन पर रसोइया बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि पहले बीमार होने पर इलाज के लिए कई बार सोचना पड़ता था, लेकिन अब परिवार के इलाज की चिंता कम होगी और महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।

अब समय पर हो सकेगा इलाज

सोनभद्र के प्राथमिक विद्यालय दुरावलखुर्द, घोरावल की रसोइया अमरावती देवी ने कहा कि पैसों की तंगी के चलते पहले तबियत खराब होने पर भी दर्द दबाकर काम करना पड़ता था। अब बिना पैसे के इलाज मिलने से समय रहते डॉक्टर को दिखाया जा सकेगा और जान बचाई जा सकेगी।

सम्मान पाकर खिले चेहरे

कानपुर के प्राथमिक विद्यालय दूल, कल्याणपुर की रसोइया मंजू ने बताया कि पहले दो हजार रुपये मानदेय में घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था। मानदेय बढ़ने से राहत तो मिलेगी ही, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी पांच लाख रुपये के हेल्थ कार्ड की है, क्योंकि अब बीमारी में कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इस तरह प्रदेशभर की रसोइया बहनों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को अपने परिवार की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

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