दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल अलर्ट, आइसोलेशन और डिजास्टर वार्ड तैयार

नई दिल्ली
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में डिजास्टर वॉर्ड से लेकर आइसोलेशन वॉर्ड तक जरूरत के मुताबिक बेड रिजर्व कर लिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की भीड़ नहीं बढ़ी है और घबराने की जरूरत नहीं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 में आयुर्वेदिक दवाएं भी कारगर होती हैं। नजफगढ़ स्थित चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान में फीवर क्लिनिक भी शुरू कर दिया गया है।
डॉ हेडगेवार अस्पताल में मरीजों के लिए तैयार किए गए चार वार्ड
पूर्वी दिल्ली स्थित डॉ हेडगेवार अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए चार बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल में डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। हालांकि, अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। वहीं, संजय गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भी 56 बेड का डिजास्टर वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दवा से लेकर टेमीफ्लू दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फीवर के संदिग्ध मरीजों की जांच कर उनपर नजर रखी जा रही है।
जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर ने की अपील
जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण ने बताया कि अस्पताल में तैयारी पूरी हैं, लेकिन अभी कोई स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। हालांकि, संदिग्ध मरीजों की जांच जरूर कराई जा रही है। उन्होंने अपील की है कि अभी पैनिक होने की जरूरत नहीं। भीड़भाड़ वाली जगह पर बेवजह जाने से बचें और मास्क जरूर लगाएं।
CBPACS में फीवर क्लिनिक शुरू
चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान (CBPACS) में H1N1 और वायरल बुखार के मरीजों के लिए विशेष फीवर क्लिनिक के जरिए आयुर्वेदिक इलाज और विशेषज्ञों की सलाह दी जा रही है। संस्थान के निदेशक डॉ एमबी गौर ने बताया कि HIN1 में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण होते है। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर होने पर सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। आयुर्वेद में मरीज के लक्षण और उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज किया जाता है।
वायरल फीवर में काढ़ा भी मददगार
ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ आईएसएम के अध्यक्ष डॉ. आरपी. पाराशर के मुताबिक, H1N1 में अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। आमतौर पर स्वस्थ लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हार्ट, लंग्स, डायबिटीज या किडनी की बीमारी वाले लोगों में जटिलता का खतरा अधिक रहता है।
विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर
डॉ. पाराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में तुलसी, अदरक, लौंग, हल्दी, पिप्पली, गिलोय, दालचीनी और काली मिर्च जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे तैयार काढ़ा या अन्य घरेलू तैयारियां लक्षणों के दौरान राहत देने में मदद कर सकती है। हालाकि किसी भी आयुर्वेदिक दवा या काढ़े का इस्तेमाल व्यक्ति की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर है।
रखें ध्यान…
- दिल्ली के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है
- अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं।
- 21 अगस्त को 135 नए केस मिलने के बाद दिल्ली में HIN1 के कुल मरीजों का आंकड़ा 1912 पहुंचा।
- अब तक दिल्ली से बाहर के 348 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।



