देश

मोबाइल की जिद से शुरू हुआ विवाद, पहाड़ी पर पहुंचा परिवार; बेटे को बचाने में माता-पिता की भी गई जान

छत्रपति संभाजीनगर
महाराष्ट्र में पहाड़ी से गिरकर मरे युवक के साथ अंतिम क्षणों में हुई बातचीत की जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक सरपंच ने उसे आईफोन दिलाने की भी बात कही थी। हालांकि युवक ने इनकार कर दिया। दावे के मुताबिक उसने कहाकि उसके लिए अब मर जाना ही आखिरी सॉल्यूशन है। तिसगांव के सरपंच संजय जाधव घटनास्थल पर मौजूद लोगों में थे। उन्होंने कहाकि जितने भी लोग वहां थे, सब लगातार कुणाल से बात कर रहे थे। उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार अपराह्न मोबाइल फोन को लेकर घरेलू विवाद के बाद पहाड़ी से गिरकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान शहर के झाल्टा फाटा इलाके के निवासी मुरलीधर चांदगुड़े (48), उनकी पत्नी संगीता और उनके 19-वर्षीय बेटे कुणाल के रूप में हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि घटना अपराह्न में वालुज एमआईडीसी थाना क्षेत्र के तिसगांव इलाके में हुई।

आईफोन दिलाने का वादा भी नहीं आया काम
सरपंच संजय जाधव ने बताया कि वह लोग कुणाल को उसकी मां का वास्ता दे रहे थे। साथ ही समझाया जा रहा था कि वह कोई गलत कदम ना उठाए। जाधव ने बताया कि जब बार-बार समझाने के बावजूद वह नहीं माना तो मैंने उससे कहाकि मैं उसको आईफोन दिलाऊंगा। इसके बाद उसे पहाड़ी की चोटी से दूर होने के लिए भी गुहार लगाई गई। सरपंच ने बताया कि वह लगातार उसे बातों में उलझाए रखना चाहते थे, ताकि बचावकर्मियों को थोड़ा समय मिल जाए और वह लोग उसकी जान बचाने के लिए ठोस उपाय कर सकें। लेकिन कुणाल कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था और अपनी जिद पर अड़ा रहा। वह लगातार एक ही बात कह रहा था कि अब कोई सॉल्यूशन नहीं है। अब सिर्फ एक ही सॉल्यूशन है।

नए फोन की जिद
अधिकारियों के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत पूर्वाह्न करीब 10 बजे उस समय हुई, जब कुणाल नया मोबाइल फोन लेने की अपनी मांग को लेकर माता-पिता से हुए विवाद के बाद नाराज होकर पहाड़ी पर चढ़ गया। उन्होंने बताया कि बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित मुरलीधर और संगीता उसे समझाने एवं घर वापस लाने के लिए पहाड़ी की चोटी तक उसके पीछे गए। अधिकारियों ने बताया कि विवाद का पता चलने के बाद स्थानीय ग्रामीण, पुलिसकर्मी और अग्निशमन के अधिकारी बचाव अभियान में मदद के लिए मौके पर जमा हो गए।

तीनों की मौत
अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने पहाड़ी के नीचे एक सुरक्षा जाल बिछाने की कोशिश की, लेकिन कुणाल चट्टान के किनारे अपनी जगह बदलता रहा, जिससे सुरक्षाकर्मियों की कोशिशें नाकाम हो गईं। उन्होंने बताया कि अपराह्न करीब एक बजे जब मुरलीधर अपने बेटे को समझाने के लिए उसके करीब पहुंच गए, तब कुणाल पहाड़ी से कूद गया। अधिकारी ने बताया कि मुरलीधर ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ी की चोटी से नीचे गिर गए। उन्होंने बताया कि अपने पति और बेटे को मौत के करीब जाते देख संगीता ने भी कुछ ही पल बाद पहाड़ी से छलांग लगा दी।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने तीनों शव बरामद कर लिए और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब घटना का सिरा जोड़ने की कोशिश में लगी है कि अंतिम क्षणों में वास्तव में वहां क्या हुआ। पुलिस कमिश्नर प्रवीण पवार ने इस बारे में जानकारी दी। डीसीपी रत्नाकर नावले ने बताया कि परिवार मूल रूप से जालना जिले के धांगड़ पिम्पलगांव का रहने वाला था। रिश्तेदार उनके शवों को वहीं लेकर गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button