देश

रांची में कृषि-व्यापार मेला 16 जून से, मोरहाबादी मैदान में तैयारियां पूरी

रांची
 राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान
तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं.

हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button