रांची में निजी स्कूलों पर सख्ती, 16 स्कूलों को शोकॉज नोटिस

रांची
जिले के निजी स्कूलों पर शुल्क वसूली और अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) गठन को लेकर सख्ती बरतते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने 16 सीबीएसई- 2 आईसीएसई स्कूलों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
जिन स्कूलों ने वार्षिक फीस स्ट्रक्चर और (पीटीए) का विवरण नहीं दिया है, उनके खिलाफ शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि एडमिशन व एनुअल चार्ज के नाम पर वसूले गए शुल्क को इस वर्ष की मासिक फीस में समायोजित करने का एक्शन प्लान 10 से 15 दिनों के भीतर जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा जाए।
यह निर्देश रांची के मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में दिए गए। बैठक में जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्राचार्यों व प्रतिनिधियों ने शिरकत की। उपायुक्त ने (पीटीए) गठन की समीक्षा की, जिसमें बताया गया कि जिले के कुल 149 सीबीएसई- आईसीएसई स्कूलों में से 131 ने अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन कर लिया है। शेष 18 स्कूलों ने अभी तक जानकारी नहीं दी है।
इनमें से दो स्कूलों को शोकॉज नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही, बैठक में अनुपस्थित स्कूलों की कार्यात्मक स्थिति की जांच के आदेश भी दिए गए। बैठक का मुख्य फोकस स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और वार्षिक शुल्क वसूली पर रहा। चर्चा में पाया गया कि कई स्कूल प्रबंधन (आरटीई) राइट-टू-एजुकेशन नियमों का उल्लंघन करते हुए नर्सरी से 12वीं तक 37 से 106 प्रतिशत तक वार्षिक शुल्क बढ़ा रहे हैं।
उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि फीस संरचना तर्कसंगत, पारदर्शी और अभिभावक अनुकूल होनी चाहिए, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने स्कूलों को निर्देशित किया कि स्कूल बस चालकों की पूरी जानकारी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे प्रशासन ड्राइवर का सत्यापन कर सके। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के दिशा-निर्देश भी दोहराए गए।
उपायुक्त ने चिंता जताई कि कुछ स्कूल टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जारी करने के लिए 25 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं, जो चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है। जिला प्रशासन शिक्षा क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता चाहता है। नए सत्र के लिए शीघ्र बीपीएल बच्चों की लाटरी आयोजित की जाएगी। एक्शन प्लान पर अगले 10 दिनों में साक्षात्कार या ऑनलाइन बैठक होगी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्कूल प्रतिनिधियों से अपील की कि अभिभावकों के हित में नियमों का पालन करें। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल से रांची के अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन परिवारों को जो महंगी फीस से जूझ रहे हैं।
बैठक में यह पाया गया कि राइट टू एजुकेशन एक्ट का उलंघन कर सभी 149 निजी स्कूलों ने प्रति वर्ष वार्षिक शुल्क बढ़ाया है। जिनमें केवल 2 वर्षों में वार्षिक शुल्क 10 प्रतिशत बढ़ानी हैं। इसपर स्कूल प्रबंधन ने अपना जवाब में पुन: विचार करने का आश्वासन दिया।
इसी दौरान जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री उपस्थित सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्य व प्रतिनिधियों को सेंसस 2027 के अंतर्गत पोर्टल के माध्यम से स्वगणना करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है, इसके लिए बच्चों को भी जानकारी दें ताकि वो अपने माता-पिता अभिभावक को डिजिटल माध्यम से स्वगणना करने को कहें।
जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज द्वारा बताया गया कि स्व-गणना अंतर्गत आनलाइन पोर्टल (एसई डाट सेंससडाट जीओभी डाट इन ) (se.census.gov.in) के माध्यम से स्वयं अपने परिवार व आवास संबंधी जानकारी आनलाइन उपलब्ध कराया जा सकता है।
ये हैं बैठक में अनुपस्थित स्कूल जिन्हें किया गया शोकाज नोटिस
वाईबीएन पब्लिक स्कूल मैक्लुस्कीगंज
संत कोलंबस मूरबू
कैंब्रियन पब्लिक स्कूल रांची
सेंट्रल एकैडमी कांके
शाईन वैली स्कूल
रायल प्रोग्रेस स्कूल डकरा
झारखंड पब्लिक स्कूल डकरा
कैंब्रियन बीजूपाड़ा
सचिदानंद पब्लिक स्कूल डोरंडा
स्टार इंटरनेशनल स्कूल नगड़ी
एलए गार्डन स्कूल सामलोंग
छोटानागपुर पब्लिक स्कूल
आर्मी पब्लिक स्कूल दीपाटोली
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डकरा
सेंट्रल एकेडमी बरियातू
बलदेव पब्लिक स्कूल
उर्सुलाईन सिल्ली मूर
माउंट कार्मेंल ओरमाझी



