मध्‍यप्रदेश

मध्यम एवं बड़े वर्ग के 1.36 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक

भोपाल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिकटन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही गेहूं का उपार्जन भी किया जा रहा है। दो दिन में बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 36 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.23 लाख किसानों द्वारा 52.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके है।

प्रदेश में 4 लाख 20 हजार 277 किसानों से 17 लाख 82 हजार 984 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2546.92 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है।

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थाल, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्थाए की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यसवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यावस्था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button