झारखंड निकाय चुनाव में BJP के आज घोषित होंगे मेयर उम्मीदवार, कांग्रेस और जेएमएम को समर्थन देगा RJD

रांची.
झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियों में जमीनी स्तर पर विधानसभा व लोकसभा चुनाव की तरह विद्रोह की स्थिति भी दिखने लगी है। धनबाद, रांची, देवघर सहित ज्यादातर जगहों पर पार्टी की अनुमति के बगैर नामांकन दाखिल किया जाना शुरू हो गया है।
कैंडिडेट्स के पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। पर्चे ले लिए गए हैं। आज (31 जनवरी) मेयर और अन्य प्रमुख पदों के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम तय कर सकती है, जबकि कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों से 1 फरवरी तक उम्मीदवारों की सूची मांगी है। वहीं, राजद ने ज्यादातर जगहों पर सहयोगी दलों जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है और खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 48 नगर निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक चलेगा।
भाजपा की रणनीति: आंतरिक समर्थन
भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया। संगठन महामंत्री ने सभी प्रमुख नेताओं को बैठक की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार (31 जनवरी) को होने वाली बैठक में मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों पर चर्चा होगी, और रविवार को नामों की घोषणा संभव है। हालांकि, भाजपा ने स्पष्ट किया है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होने के कारण पार्टी आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करेगी।
इसके बजाय, मजबूत और राष्ट्रवादी सोच वाले उम्मीदवारों को आंतरिक समर्थन दिया जाएगा। भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, "पार्टी ने चुनाव को गंभीरता से लिया है। हर निकाय में राष्ट्रवादी व्यक्ति जीते, इसके लिए कार्ययोजना बनाई गई है।" भाजपा ने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर 31 जनवरी तक नाम फाइनल करने की योजना बनाई है, ताकि समर्थित उम्मीदवार समय पर नामांकन दाखिल कर सकें। दुमका जैसे जिलों में छह जिलों की संचालन समितियों से रायशुमारी की गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी विकास-उन्मुख व भ्रष्टाचार-मुक्त उम्मीदवारों को समर्थन देगी।
कांग्रेस की तैयारी: जिला स्तर से अनुशंसा
कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को प्रभारी बनाया है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वार्ड सदस्य से लेकर निकाय अध्यक्ष पद तक के उम्मीदवारों की अनुशंसा 1 फरवरी तक भेजें। पार्टी 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है, जिसमें रांची मेयर सीट पर दावा मजबूत है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, हम गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, गठबंधन में जेएमएम के साथ मेयर सीट पर टकराव की आशंका है, क्योंकि दोनों पार्टियां रांची मेयर पद पर दावा ठोक रही हैं।
राजद : सहयोगियों को समर्थन
राजद ने ज्यादातर जगहों पर जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन की एकजुटता के लिए राजद खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर मजबूत दावेदारों को बैकअप देगी। यह फैसला हालिया विधानसभा चुनावों में गठबंधन की सफलता के बाद लिया गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी सूत्रों के अनुसार, पार्टी का फोकस 2026 में मजबूत विपक्षी भूमिका निभाने पर है।
43 लाख से ज्यादा वोटर, बैलेट पेपर से मतदान
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की आयुक्त अलका तिवारी ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। 48 निकायों (9 नगर निगम समेत) में 23 फरवरी को मतदान होगा, 27 फरवरी को नतीजे आएंगे। कुल 43,33,574 वोटर हैं, जिसमें 22 लाख पुरुष, 21 लाख महिलाएं और 144 थर्ड जेंडर शामिल हैं। चुनाव बैलेट पेपर से होगा, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और कहा कि इससे सत्ता का दुरुपयोग हो सकता है। मेयर/अध्यक्ष पद का चुनाव सीधा होगा, जबकि उप मेयर अप्रत्यक्ष। पहली बार ओबीसी आरक्षण लागू होगा। नामांकन जांच 5 फरवरी को, नाम वापसी 6 फरवरी तक।
जेएमएम के लिए लोकप्रियता का आकलन
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, यह चुनाव दलीय पर कागज पर नहीं है।हकीकत में सभी पार्टियां पूरा जोर लगा रही है। जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह जरूरी भी है। यह चुनाव झारखंड की सियासत के लिए अहम है, क्योंकि यह हेमंत सोरेन सरकार की लोकप्रियता का टेस्ट होगा। भाजपा ने आरोप लगाया कि ईवीएम की बजाय बैलेट से चुनाव कराना साजिश है, जबकि कांग्रेस ने जनता की सीधी वोटिंग बताया। गठबंधन में सीट बंटवारे पर खासकर रांची जैसे बड़े शहरों में तनाव संभव है।



