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अजित पवार के बाद NCP का भविष्य अधर में? विरासत, विलय और नेतृत्व पर उठे 5 बड़े सवाल

नई दिल्ली
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया अजित पवार की आज (बुधवार, 28 जनवरी) सुबह एक विमान दुर्घटना में दु:खद मौत हो गई। उनके साथ विमान में कुल पांच लोग सवार थे और सभी की उस हादसे में मौत हो गई। 66 वर्षीय अजित पवार जमीन से जुड़े एक नेता थे, जिनका दुखद अंत उनके गृह नगर बारामती में ही हुआ। उनके असामयिक निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कई सवाल कौंधने लगे हैं। मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि उनका राजनीतिक वारिस कौन होगा?

राजनीतिक विरासत का वारिस कौन?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार की छत्रछाया से बाहर निकलकर जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा खिलाफ बगावत कर दी थी और पार्टी के नाम और चिह्न के साथ-साथ पार्टी के अधिकतर विधायकों को अपने पाले में कर लिया था। अब उनके आकस्मिक निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि उनकरी इस राजनीतिक विरासत का वारिस कौन होगा? क्या राज्यसभा सांसद और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार अजित दादा की असली राजनीतिक वारिस होंगी या फिर उनके बेटे पार्थ पवार के कंधों पर ये जिम्मेदारी आएगी क्योंकि वह राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पार्थ 2019 का लोकसभा चुनाव मावल संसदीय सीट से लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें तब हार का सामना करना पड़ा था। उनके दूसरे बेटे जय पवार फैमिली बिजनेस संभालते हैं। इसके अलावा चर्चा ये भी है कि क्या उनकी राजनीतिक विरासत का वारिस परिवार से बाहर का भी हो सकता है?

अगला डिप्टी सीएम कौन होगा?
अजित पवार महाराष्ट्र की महायुति सरकार में उप मुख्यमंत्री थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है। ऐसे में उनके निधन के बाद ये भी चर्चा जोर मारने लगी है कि अब राज्य का अगला उप मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार इस जिम्मेदारी को संभालेंगी या उनके बेटे पार्थ को ये जिम्मेदारी मिलेगी। चर्चा ये भी है कि चूंकि पार्थ पवार का राजनीतिक अनुभव कम है, इसलिए पार्टी में दूसरे लाइन के नेता इस पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

NCP का अगला चीफ कौन?
अजित दादा की आकस्मिक मौत ने एक नहीं अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। उनमें एक सवाल ये भी है कि उनके जाने के बाद NCP की कमान अब कौन संभालेगा? क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को ये जिम्मेदारी मिल सकती है या परिवार से ही कोई सदस्य पार्टी की अगुवाई करेगा?

क्या महायुति से अलग होगी NCP?
चर्चा ये भी है कि क्या अजित दादा गुट वाली NCP अब महायुति से अलग हो जाएगी क्योंकि ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पिछले कुछ दिनों से महायुति में अजित पवार मुखर थे और भाजपा से कुछ मुद्दों पर उकी तल्खी चल रही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पार्टी भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन से अलग हो जाएगी या जिनसे तल्खी थी, वो तो रहे नहीं तो पार्टी पहले की ही तरह महायुति में बनी रहेगी क्योंकि सत्ता से हटने के बाद पार्टी में बिखराव का खतरा बढ़ सकता है।

क्या दोनों NCP का विलय होगा और कौन लेगा ये फैसला?
एक चर्चा ये भी है कि अजित दादा की मौत के बाद NCP के दोनों धड़े एक हो सकते हैं, जिसकी चर्चा पिछले कुछ समय से हो रही है। हालिया पुणे और पिपंरी-चिंचीवाड़ महा नगरपालिका चुनावों में दोनों धड़ों ने एक होकर चुनाव लड़ा था और इसकी संभावनाओं को बल भी दिया था लेकिन इन सबके बावजूद सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि NCP में इन मुद्दों पर फैसला लेगा कौन? अजित पवार की मौत ने पार्टी और परिवार को बड़े असमंजस में डाल दिया है।

बता दें कि पिछले साल के लोकसभा चुनाव में अजित पवार की पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली थी। आम चुनाव में मिली करारी हार को लेकर आलोचकों के निशाने पर आए अजित पवार ने हालांकि पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में 41 सीट जीतकर सबको गलत साबित कर दिया था। वहीं शरद पवार की अगुवाई वाली NCP को सिर्फ 10 सीट मिलीं थी। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से अजित पवार ने राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली थी लेकिन उनके निधन ने राज्य से लेकर केंद्र तक की राजनीति में कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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