अध्‍यात्‍म

अहोई अष्टमी व्रत पर भूलकर भी न करें ये गलतियाँ, वरना व्यर्थ जाएगा सारा पुण्य!

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है. संतानवती महिलाओं के लिए इस व्रत का बहुत खास महत्व है. ये व्रत महिलाएं अपने बेटे की लंबी आयु, खुशहाल जीवन, तरक्की और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. हालांकि बदलते समय में महिलाएं अपनी बेटियों के लिए भी ये व्रत करने लगी हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में अहोई अष्टमी का व्रत रखने का रिवाज है.

अहोई अष्टमी का व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इसे अहोई आठें भी कहते हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ये व्रत बड़ा ही पावन होता है. जहां इस व्रत को करने से संतान के जीवन में खुशहाली आती है, तो वहीं कुछ ऐसे काम भी हैं, जो अहोई अष्टमी के व्रत में महिलाओं को नहीं करने चाहिए. मान्यता है कि इन कामों को करने से महिलाओं को पुण्य नहीं, बल्कि पाप मिलता है.

कब है अहोई अष्टमी का व्रत?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 13 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर हो रही है. जबकि 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर ये तिथि खत्म हो रही है. ऐसे में इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा.

अहोई अष्टमी के दिन न करें ये काम

अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं निर्जला रखती हैं. इसमें दिन भर कुछ खाएं नहीं और जल नहीं पीएं. व्रत के दौरान महिलाएं नुकीली और धारधार वस्तुओं का उपयोग न करें. व्रत के दिन दिन मिट्टी से जुड़ा कोई काम नहीं करें. व्रत के दौरान महिलाएं बिल्कुल न सोएं. ऐसा करना अशुभ होता है. व्रत का संकल्प लेने के बाद बीच में न तोड़ें. व्रत के दौरान झूठ बोलने और झगड़ा करने से बचें. अष्टमी तिथि के आरंभ से लेकर समापन तक ब्रह्मचर्य का पालन करें. व्रत के दौरान ज्यादा बातचीत न करके मंत्रों का जाप करें. अष्टमी तिथि के आरंभ से लेकर समापन तक बिस्तर पर न बैठें. व्रत के दिन दिन बाल धोना और काटना दोनों मना है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button