छत्‍तीसगढ़

दोहा, छंद और चौपाई पर गायन की अनूठी प्रतिस्पर्धा

खैरागढ़

इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के हिन्दी विभाग में तुलसी जयंती समारोह एवं दोहा-चौपाई गायन प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ संकायाध्यक्ष प्रो.डॉ. काशी नाथ तिवारी, विभागाध्यक्ष प्रो. राजन यादव, प्रो. मृदुला शुक्ल, डॉ. देवमाईत मिंज एवं निर्णायक मण्डल के द्वारा दीप जलाकर किया गया।

प्रो. शुक्ल ने तुलसी जयंती मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए गीतावती पर चर्चा की। डॉ. पूर्णिमा केलकर ने तुलसी के महिमाशाली व्यक्त्वि कृतित्व का व्याख्यान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. राजन यादव ने तुलसी के समकालीन परिवेश तथा वर्तमान में तुलसी साहित्य की प्रासंगिता पर सोदाहरण प्रकाश डाला। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में तुलसीदास रचित ग्रंथों के केवल चौपाई एवं दोहा छन्दों पर गायन प्रतियोगिता सम्पन्न हुई, जिसमें वीरमति कैवर्त ने प्रथम, दीपक जांगड़े ने द्वितीय तथा मुस्कान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रीतिराज, प्रवीण कुमार और साक्षी ने सान्तवना पुरस्कार प्राप्त किया। निर्णायक मण्डल के रूप में प्रो. मृदुला शुक्ल, श्री कृष्ण चन्द्र केहरी एवं विवेक कुमार उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में समीरचन्द्र साहू, दौलत गढ़वाले, अजय साहू, सागर, हेमा वर्मा, संगम मिश्रा, कुलेश्वरी एवं प्रीति राज की महत्वपूर्ण प्रतिभागिता रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में शोधार्थी देवराज, सरिता पटेल, सविता वैष्णव, ज्ञानेश्वरी रौतिया, लोभान वर्मा एवं एम.ए. प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि कुलपति पद्मश्री डॉ. ममता (मोक्षदा) चंद्राकर के संरक्षण और कुलसचिव प्रो. डॉ. आईडी तिवारी के मार्गदर्शन में इसी तरह के विचारोन्मुखी कार्यक्रम नियमित रूप से संपन्न हो थे हैं। इसी कड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवमाईत मिंज एवं आभार व्यक्त सविता वैष्णव ने किया।

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